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Monday, September 27, 2010

सुर साम्राज्ञी की 81 वीं सालगिरह


लता मंगेशकर जिन्हें हम सुर की साम्राज्ञी के नाम से जानते हैं प्यार से लोग इन्हें दीदी बुलाते हैं । कहा जाता है कि सरस्वती इनके गले में विराजमान हैं । इनका जन्म 28 सितंबर 1929 को पिता- दीनानाथ मंगेशकर के घर इंदौर में हुआ था । लता जी चार बहन और एक भाई हैं । इन्हें क्रिकेट देखना और खाने में मछली एवं कोल्हापुरी मटन पसंद है । इन्हें डायमंड एवं सफेद छींटेदार साड़ी पहनना ज्यादा अच्छा लगता है । इनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है । १९४२ में पिता की मृत्यु के पश्‍चात्‌ मात्र १३ साल की उम्र में ही इनपर घर की जिम्मेवारी आ गई । उस समय लता जी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, सो घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन्होंने फिल्मों की तरफ रूख किया और गायकी को अपना पेशा बनाया ।

कैरियर के शुरूआती दौर में सबसे पहले इन्हें मराठी फिल्म में गाने का मौका मिला, लेकिन इन्हें पहचान मिली 1945 में महल फिल्म के गीत... ‘आयेगा आनेवाला’, से फिर इन्होंने पीछे पलटकर नहीं देखा और एक से बढ़कर एक गीत गाए ।

इन्होंने इस दौर के प्रमुख संगीतकार मदन मोहन, सलिल चौधरी, एस.डी. बर्मन, नौशाद, आर.डी.बर्मन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से लेकर वर्तमान के संगीतकार अनु मलिक, जतिन ललित, ए.आर.रहमान, नदीम श्रवण के साथ गीत गाये हैं । लगभग सात दशक तक २० भाषाओं में ४० हजार गीत गाकर इन्होंने एक अलग कीर्तिमान स्थापित कर लिया है । कहा जाता है कि अपने समय की मशहूर नायिका मधुबाला लता जी के गायिकी की इतनी दीवानी थीं कि अपने फिल्म डॉयरेक्टर से कांटेक्ट में लिखवाती थी कि लता जी ही मेरे लिए गायेंगी । लता जी ने पुणे में अपने पिता के नाम से हॉस्पिटल बनवा रखा है, और वर्तमान में एक और कैंसर अस्पताल बनवा रही हैं जहाँ गरीबों का कम फीस पर इलाज किया जाता है । इससे पता चलता है कि लता जी समाज सेविका भी हैं ।

फिल्मी जगत का शायद ही कोई पुरस्कार है, जो इन्हें ना मिला हो, इन्हें नेशनल पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार, पद्‌म भूषण पुरस्कार, दादा साहेब फालके पुरस्कार, भारत रत्‍न, महाराष्ट्र रत्‍न, राजीव गाँधी पुरस्कार, लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में सबसे ज्यादा गीत गाने के लिए नाम रेकॉर्ड, आदि तमाम पुरस्कार इनको मिल चुके हैं । गायकी को अपना जीवन समझने वाली लता जी आज भी गाये जा रहे गानों में अपनी आवाज दे रही हैं । अभी हाल ही में इन्होंने ‘जेल’ एवं ‘रब ने बना दी जोड़ी’ के लिए अपनी आवाज दी और उम्मीद है कि आगे भी गाती रहेंगी ।

लता जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ.......................।